राजविराज– स्वतन्त्र मधेश गठबन्धन सप्तरी द्वारा गाँव गाँव मे नेपालके प्रधानमन्त्री केपी ओली और गृहमन्त्री राम बहादुर थापा का पुतला दहन किया जा रहा ये लोग डा.सि के राउत की रिहाई की माँग कर रहें है ।
डा.राउत के गिराफ्तारी से उनके समर्थक आक्रोशित हो गये हैं । परन्तु उनका सिद्धान्त शान्तिपुर्ण एवं आहिंसा के जरिए मधेशको अधिकार दिलाना है ्र मगर नेपाल की सत्ता मे आशिन खसबादी साशक मधेशी जनता का मनोभावनाओं को कुचल्ते हुये शदियों से गुलाम बनाए रखने की सोच के वजह से मधेशी जनता को हिंसा मे परिणत करने मे उनकी एजेंसिया काम करने मे सक्रिय है । जिसका परिणाम है डा. सि. के राउत का बराम्बार गिराफ्तारी ‘ । नेपाल सरकार एक अभ्यास के रूपमे मधेश और मधेशी जनता का प्रतिक्रिया देखने के लिए डा.राउत को बराम्बार गिराफ्तार करके स्थिति का जायजा लेता रहता है ्र मगर जनता आक्रोश और क्रोधको भी सम्भालते हुये जगह जगह मधेश के २२ जिले मे प्रर्दशन जारी रख्खा है । फिर भी राउतके उपर दमन हुवा तो दशहरा वाद भिषण आन्दोलन का सुरूवात होगा एसी चेतावने दी जा रही है । स्वतन्त्र मधेश गठबन्धनका नेता सुरेन्द्र मधेशीका कहना है कि डा . राउतको रिहाई नहि किया तो भिषण आन्दोलन का सुरूवात होगा उसके वाद सरकारको समहाल्ना मुसकिल होजाएगा । स्वराजीया् ने सप्तरी , सिरहा, रौतहट , पर्सा , रुपनदेही कपिलबस्तु लयातके स्थानमे डा . राउत के रिहाई माग करते हुए प्रधानमन्त्री और गृह मन्त्रीको पुतला तहन किया है ।







