श्याम कुमार सोनी

अररिया.  बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को सिद्ध करने की जिम्मेवारी सरकार ने जिन खाकी वालों पर सौंप रखी है, इन सबसे इतर आए दिन कहीं न कहीं वे खुद शर्मसार करने पर आमदा है। अररिया जिले के फारबिसगंज थाना क्षेत्र के परवाहा चौक के समीप गुरुवार को एक ऐसी ही तस्वीर निकल कार सामने आई, जो न केवल पुलिस प्रशासन की लापरवाही की पोल खोल रही है, बल्कि शराबबंदी कानून का खुलेआम धज्जियां उड़ा रहा है। अब कैसे सफल हो शराबबंदी, जब पुलिसकर्मी पर न हो कोई पाबंदी, ऐसे सवाल भी उठने लगे है।

चौकीदार का ड्रामा देखने के लिए राहगीरों की लगी भीड़
आधी वर्दी पहने सड़क पर घंटों धूल खाता रहा इस युवक की पहचान ग्रामीण पुलिस अशोक पासवान के रूप में हुई है। बता दें कि सड़क किनारे नशे में धूत होकर ड्रामा कर रहे इस चौकीदार को देखने के लिए राहगीरों की भीड़ लग गई। राह चलते अन्य पुलिसकर्मियों ने शर्मसार करते अपने सहयोगियों को देखना तक मुनासिब नहीं समझा। पुलिस के लिए शराबी एवं शराब के तस्करों को ढूंढ पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। वहीं सहज रूप से शराब का सेवन करने वाले इन चौकीदार की जांच कब होती है। शराबियों की जांच वाली मशीन की जांच रिपोर्ट किसी से छुपी नहीं है।

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