जनकपुरधाम – जिस चीन को पाकिस्तान अपना सबसे बड़ा हमदर्द बताता है, वो पाकिस्तान के ही लोगों के अंगों का कारोबार कर रहा है। चीन के बाजार में पाकिस्तान के लोगों की किडनी और लीवर सरेआम बिक रहे हैं। इमरान सरकार की कंगाली का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दो जून की रोटी के लिए वो गधों और घोड़ों तक का सौदा कर चुकी है।

मगर अब बात इससे भी दो कदम आगे बढ़ चुकी है।चीन के लोग बड़ी तादाद में किडनी और लीवर की बीमारियों से जूझ रहे हैं। कोरोना के संक्रमण की वजह से ऐसे मरीजों की तादाद में और भी इजाफा हुआ है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे इन मरीजों को किडनी या लीवर ट्रांसप्लांट की जरुरत होती है।

चीन में आम तौर किडनी डोनर का मिलना मुश्किल होता है और अगर कोई मिल भी जाए तो उसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है। ऐसे में पाकिस्तान में मौजूद मानव अंगों के तस्कर गरीब लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर पहले उन्हें अपने झांसे में फंसाते हैं और फिर उनके अंगों का सौदा करके उनके भेज देते हैं।दरअसल, पाकिस्तान को उम्मीद थी कि चीन की सरकार उसे इस कंगाली से उबरने में मदद करेगी।

मगर ड्रैगन ने उसे ऐसा दगा दिया कि जिसकी उम्मीद पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम ने सपने में भी नहीं की होगी। मदद करने के बजाए चीन पाकिस्तान के लोगों की किडनी निकालने में जुटा है। जी हां, आपने सही सुना पाकिस्तानियों की किडनी बेच रहा है चीन, वो भी औने-पौने दाम पर।इस बात का सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान के लोगों को पहले बहला-फुसलाकर चीन ले जाया जाता है और फिर वहां उनकी किडनी निकाल ली जाती है।

अब तक कई लोग इसका शिकार हो चुके हैं। खासकर पाकिस्तान के गरीब तबके के लोगों की किडनियां चीन पहुंचते ही गायब हो जा रही हैं। पाकिस्तान के पंजाब इलाके के कई परिवार इन दिनों एक ही किडनी के सहारे जीने को मजबूर हैं। इनमें से कईयों का गुर्दा तो कब गायब हो गया, इन्हें खुद ही पता नहीं चला।

लीवर – 5 लाखआंख – 2 लाखकिडनी – 4 लाख

पाकिस्तान के लाहौर में एक ऐसे मानव तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जो लोगों को चीन भेजता था और कुछ पैसों के ऐवज में चीन के डॉक्टर उनकी किडनी निकाल लेते थे। माना जा रहा है कि पाकिस्तान के सैकड़ों लोग अब तक चीन में अपनी किडनी बेच चुके हैं। ये गिरोह पाकिस्तान के गरीब लोगों को अपने चंगुल में फंसाकर उन्हें अपनी किडनी बेचने के लिए तैयार करते थे।

इसके लिए बाकायदा एक इंटरनेशनल रैकेट काम करता है।एजेंट पहले पाकिस्तान के गरीब लोगों को पैसे का लालच देते हैंफिर उनके किडनी और लीवर का सौदा किया जाता हैसोचिए एक तरफ चीन पाकिस्तान को अपना सबसे अच्छा दोस्त कहता है और दूसरी तरफ वो पाकिस्तान के लोगों की किडनी तक चुरा लेता है।

अपनी आवाम के साथ इतने बड़े षड़यंत्र के बावजूद कंगाल पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम खामोश रहने के अलावा और कर भी क्या सकते हैं।जहां रैकेट से जुड़े अलग-अलग डॉक्टर इनके संपर्क में होते हैंइसके बाद इन्हें चीन के अलग-अलग शहरों में भेजा जाता हैचीन पहुंचते ही डॉक्टर इनके अंग को प्रत्यारोपित करते हैंइनके ऐवज में उन्हें मामूली रकम दी जाती है। स्रोत https://www.news24madhesh.com/2020/09/blog-post_11.html

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