बेतिया.जिले में जाली नोट के कारोबारियों का नेटवर्क एकबार फिर से मजबूत होते जा रहा है। यह अलग बात है कि पुलिस की बढ़ती सक्रियता से उनके मंसूबे पर पानी फिर जा रहा है। पर इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि अपराधी कई गतिविधियांे में पुलिस की आंखों में धुल झोकने का भी काम कर रहे है।

  आजकल जिले का नौतन थाना क्षेत्र व दियारा इलाका जाली नोट के मामले में हब बना हुआ है। नोटबंदी के बाद से पुलिस ने नौतन थाना क्षेत्र से ही दो बार जाली नोट की बरामदगी की है। दोनों बार कारोबारी भी पकड़े गये।

 

नेपाल की खुली सीमा से दाखिल हो रहे तस्कर

इंडो नेपाल की खुली सीमा जाली नोट के कारोबारियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। अब कारोबारी किसी शहर या मार्ग से न आकर खुली सीमा के माध्यम से ही भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर जा रहे है। वर्ष 2007 में एसएसबी के द्वारा भी जाली नोट के साथ कारोबारी को दो बार गिरफ्तार किया गया था। तत्कालीन सेनानायक एचएस गाडे ने भी माना था कि खुली सीमा होने के कारण जाली नोट को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करा दिया जा रहा है।

बांग्लादेश की सीमा से आ रहे जाली नोट

बांग्लादेश की सीमा से जाली नोट को भारतीय क्षेत्र में लाया जा रहा है। पुलिस के द्वारा शनिवार को नौतन थाना क्षेत्र के खड्‌डा माई स्थान से पकड़े गए कारोबारी ने स्वीकार किया है कि बांग्लादेश से ही नोट आ रहे हंै। पुलिस के द्वारा पकड़े गये नोट को बांग्लादेश की सीमा से पश्चिम बंगाल के माल्दा से लाया गया था। इससे पूर्व में भी पकड़े गये कारोबारी ने भी अपनी स्वीकारोक्ति बयान में कहा था कि बांग्लादेश सीमा से ही नोट लाया गया था।

नोटबंदी के बाद नौतन में पकड़े गए जाली नोट

पुलिस ने नौतन के खड्‌डा माई स्थान के समीप से एक लाख 22 हजार का जाली नोट बरामद किया है। इसके साथ पूर्वी चंपारण जिला के हरसिद्धी के दीपक सहनी को गिरफ्तार किया गया। 23 मार्च को नौतन पुलिस ने दक्षिण तेल्हुआ से 60 हजार का जाली नोट बरामद किया था। जाली नोट के साथ वैधनाथ सहनी को गिरफ्तार किया गया था।

 

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